कानपुर । इस्लामिक कैलेन्डर के हिसाब से रमज़ान के बाद शव्वाल का महीना आता है जिसे हम ईद का महीना भी कहते हैं, अल्लाह के नबी (सल्ल०) ने शव्वाल के महीने मे ६ रोज़े रखने की बहुत फज़ीलत बताई है ।
मुस्लिम वेल्फेयर एसोसिएशन के सदर मुहम्मद वासिक़ बेग बरकाती ने हदीस की किताब सही-मुस्लिम का हवाला देते हुए बताया कि सहाबिये रसूल हज़रत अबू अय्यूब अंसारी रदी० से रिवायत है की रसूलल्लाह सल्लल्लाहो अलैही वसल्लम ने फरमाया जो रमज़ान के रोज़े रखे और उसके बाद ६ रोज़े शव्वाल के महीने में भी रखे तो उसको हमेशा के रोज़ो का सवाब होगा और दूसरी हदीस की किताब सुनन इब्न माजा के हवाले से बताया कि सहाबिये रसूल हज़रत सोबान रदी० से रिवायत है की रसूलल्लाह सल्लल्लाहो अलैही वसल्लम ने फरमाया जो ईद उल फितर के बाद शव्वाल के महीने में ६ दिन रोज़ा रखे तो उसको पूरे साल रोज़ा रखने का सवाब मिलेगा और जो एक नेकी करेगा उसको इसका १० गुना अज्र मिलेगा ।
वासिक़ बेग बरकाती ने आगे कहा कि हमारे ओलमा फरमाते हैं की अगर कोई ईद के फौरन बाद ये ६ रोज़े ना रख सके तो पूरे शव्वाल के महीने में कभी भी एक एक करके या एक ही साथ ये ६ रोज़े रख सकता हैं इसकी बहुत फज़ीलत हैं ।
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