कानपुर । अधिवक्ता कल्याण संघर्ष समिति द्वारा प्रख्यात समाजसेवी,अधिवक्ता कल्याण निधि योजना के जनक, पूर्व महामंत्री/ पूर्व अध्यक्ष कानपुर बार एसोसिएशन ब्रह्मलीन सुरेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के स्मृति दिवस की पूर्व संध्या पर कचहरी में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई । सर्वप्रथम चित्र पर माल्यार्पण करते हुए एच जे एस संगीता श्रीवास्तव प्रमुख न्यायाधीश एम ए सी टी कोर्ट कानपुर ने कहा कि सुरेंद्र प्रताप सिंह विलक्षण प्रतिभा के धनी थे मृदुभाषी व प्रखर वक्ता थे और हिंदी विधि प्रतिष्ठान को ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है । संयोजक पं० रवीन्द्र शर्मा ने कहा कि सुरेंद्र प्रताप सिंह अधिवक्ता कल्याण निधि के जनक थे । 1989 में ₹”125000 की अधिवक्ता कल्याण निधि योजना लागू होना उनके प्रयासों की उल्लेखनीय उपलब्धि है । उनका सपना था कि अधिवक्ता कल्याण निधि बढ़कर ₹10 लाख होनी चाहिए जिसके लिए वो जीवन पर्यन्त संघर्ष करते रहे ।उनके स्मृति दिवस के अवसर पर हम संकल्प लेते हैं कि हमारी संघर्ष समिति उनके सपने को पूरा कराएगी और जब तक अधिवक्ता कल्याण निधि 10लाख नहीं हो जाती तब तक संघर्ष करती रहेगी ।
अविनाश बाजपेई ने कहा कि बिल्हौर घाटमपुर के न्यायिक क्षेत्राधिकार वापसी के सफल संघर्ष में सुरेंद्र प्रताप जी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता । अधिवक्ता कल्याण के लिए हम उन्हें हमेशा याद करते रहेंगे । प्रमुख रूप से बी एल गुप्ता अध्यक्ष इनकम टैक्स जीएसटी बार एसोसिएशन विश्वनाथ कटिहार पूर्व अध्यक्ष बार एसोसिएशन, भानु प्रताप सिंह पूर्व महामंत्री बार एसोसिएशन, एस के सचान, डॉ पवन तिवारी, विजय सागर, संगीता द्विवेदी, रुचि सिंह, एल एन वर्मा, संजय सिंह, अनुपम पाठक, अनूप शुक्ला, राज कुमार तिवारी, विक्रम नरेंद्र नाथ, संजीव कपूर, मोहित शुक्ला आदि रहे ।
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