कानपुर । खानकाहे हुसैनी में विलादते हज़रत इमाम हुसैन से हुसैनी लंगर 3 शाबान से बदस्तूर जारी हुसैनी लंगर का आज समापन हुआ। हुसैनी लंगर से गरीबों, मज़दूरो, बेसहारों की मदद इंसानियत-मानवता को जिन्दा रखने व लोगो में खिदमते खल्क के जज़्बे के पैगाम को आम किया जा रहा है। हुसैनी लंगर के आज 72 दिन कर्बला के 72 शहीदों की निस्बत से पूरे होने के बाद उनका ज़िक्र कर दुआ के बाद आज समापन किया गया। लाकडाउन में गरीबों-मज़दूरो को खाना खिलाया व प्यासों को पानी पिलाया गया इस्लाम में इंसानियत के कामों मे हिस्सा लेने को सबसे बड़ा सवाब कहा गया है व खिदमते खल्क के कामों में मज़हब ढूंढने को गलत कहा गया। खानकाहे हुसैनी के साहिबे सज्जादा इखलाक अहमद डेविड चिश्ती ने बताया कि लाकडाउन के बीच विलादत ए इमाम हुसैन से हुसैनी लंगर 3 शाबान से खानकाहे हुसैनी मे लंगर तैयार किया जाता है सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लंगर का वितरण गरीब मज़दूर भूखों को खानकाहे हुसैनी से किया जाता उसके बाद खानकाहे हुसैनी से जुड़े लोग कर्नलगंज, नई सड़क, मूलगंज, चमनगंज, ग्वालटोली, इलाको के मज़दूरो,बेसहारों भूखों को भोजन वितरण कर इंसानियत-मानवता की सेवा कर रहे है । आज 72 वां दिन मे अभी तक 18000 मज़दूरो, बेसहारों भूखो को खाना खिलाया गया है लंगर वितरण विलादते इमाम हुसैन, विसाल खातूने जन्नत, विलादते इमाम हसन व शहादत मौला अली के बीच भोजन अलग-अलग व्यंजनों व मिठास के साथ वितरण किया गया है। दुआ मे खानकाहे हुसैनी के साहिबे सज्जादा इखलाक अहमद डेविड चिश्ती ने अल्लाह की बारगाह अपने हबीब मौला अली हसन हुसैन कर्बला के 72 शहीदों के सदके में हमारे मुल्क सूबे शहर में खुशहाली अमन कायम रहने व जानलेवा वबा से निजात की दुआ की ।
हुसैनी लंगर वितरण में खानकाहे हुसैनी के साहिबे सज्जादा इखलाक अहमद डेविड चिश्ती, हाजी गौस रब्बानी, मोहम्मद शाहिद चिश्ती, परवेज़ आलम वारसी, शमशुद्दीन फारुकी, मुबारक अली बकाई, मुबश्शीर निज़ामी, मोहम्मद हबीब वारसी, मोहम्मद हफीज़, मोहम्मद जावेद नईमुद्दीन फारुकी, मोहम्मद वसीम कादरी, शारिक सूफी आदि लोग रहे ।
कानपुर दक्षिण बस आपरेटर्स एसोसिएशन ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा
● बस आपरेटर्स ने मंडलायुक्त से टैक्स मे छुट बीमा की
समय अवधि बढ़ाने व आर्थिक सहायता की मांग
कानपुर । दक्षिण बस आपरेटर्स एसोसिएशन अध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिवेदी के नेतृत्व में कानपुर मंडल आयुक्त को ज्ञापन सौंपा । धर्मेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते लॉक डाउन में महानगर बस सेवा का संचालन पूर्णता बन रहा है आगे भी सोशल डिस्टेंसिंग के चलते बसों का चलना अभी संभव नहीं है जिसमें महानगर बस स्वामी बहुत ही खराब स्थिति से गुजर कर अपना जीवन व्यतीत कर रहा है । ऐसी स्थिति में संचालित समस्त नगर बसों को आर्थिक मदद करें एवं विगत 3 माह से पूर्णता संचालन रुक जाने के कारण बीमा समय अवधि बढ़ाया जाए व टैक्स में 6 महीने की छूट प्रदान की जाए जिससे कानपुर दक्षिण बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऐसी दयनीय स्थिति में अपना कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ कर सके । ज्ञापन के दौरान लाला पंडित अजय गौतम जय प्रकाश श्रीवास्तव पीयूष गौतम मौजूद रहे ।
जौहर एसोसिएशन ने उप निरीक्षक को किया सम्मानित
कानपुर । एमएमए जौहर फैन्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हयात ज़फर हाशमी व उपाध्यक्ष जीशान अन्सारी के नेतृत्व में कुलीबाज़ार में स्वागत समारोह आयोजित हुआ ।
जिसमे लाॅक डाउन अवधि में थाना बादशाही मे उप निरीक्षक हरीश कुमार यादव द्वारा निरन्तर आम जन के सहयोग और अपनी जान जोखिम में डालकर मदद करने के कार्य से प्रभावित होकर जौहर एसोसिएशन ने उन्हें माला पहनाकर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया ।
साथ ही समाजसेवी महबूब आलम खान को भी प्रशस्ति पत्र दिया गया ।
इस मौके पर हयात ज़फर हाशमी, जीशान अन्सारी, शब्बीर अन्सारी, एहतेशाम अन्सारी, फजील अन्सारी, अताउर्रहमान आदि थे ।
शहर काजी आलम रजा नूरी ने मस्जिदों के इमाम व मुफ्तियों संग की मीटिंग
मो.दानिश
कानपुर । आज दिनांक 8 जून 2020 को अपने तय कार्यक्रम के अनुसार शहर काजी कानपुर मौलाना मोहम्मद आलम रजा खान नूरी की अध्यक्षता में शहर भर की मस्जिदों के इमाम व मुस्लिम धर्मगुरु उलेमाओं की मीटिंग संपन्न हुई ज्ञात हो कि शासन द्वारा जारी गाइडलाइन धर्मस्थल को खोलने के लिए आई है इसी के तहत मस्जिदों को खोले जाने के लिए एक मीटिंग अकबर आजम हाल रजवी रोड में संपन्न हुई जिसमें मस्जिदे खोले जाने के संबंध में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई लगभग पूरे शहर से मस्जिदों के इमाम आए हुए थे । काफी मशक्कत के बाद यह निर्णय लिया गया कि शहर काजी कानपुर मौलाना आलम रजा खान नूरी ही डीएम कानपुर नगर व डीआईजी कानपुर नगर से बात करके मस्जिदों में नमाजियों की तादाद बढ़ाए जाने की बात रखें अगर यह फैसला माना जाता है तो प्रशासन की तरफ से जो गाइडलाइंस जारी की गई है हम उसका पालन करेंगे साथ ही यह भी कहा गया कि जुमे की नमाज दो से तीन शिफ्ट में भी पढ़ने को तैयार है । मीटिंग को संबोधित करते हुए शहर काजी कानपुर आलम रजा खान नूरी ने आए हुए सभी मस्जिदों के इमाम से कहा कि हम प्रशासन से बात करेंगे इसी के साथ एक गाइडलाइंस भी जारी करेंगे जिसे आप लोग अपनी अपनी मस्जिदों के गेट पर चस्पा कर ले जिससे मुस्लिम समाज में जो बेचैनी का माहौल है वह खत्म हो सके मीटिंग में मुख्य रूप से शहर काजी आलम रजा खान नूरी, मौलाना हाशिमअशरफी,मुफ्ती हनीफ बरकाती,कारी कासिम हबीबी,मौलाना अब्दुर्रहीम बहराइची,मौलाना कारी मिकाइल मौलाना शाह आलम बरकाती,महबूब आलम खान,कारी अब्दुल मुत्तलिफ,इस्लाम खान आजाद,अखलाक अहमद डेबिट आदि थे
प्राणी उद्यान के पशु पक्षियों के लिये खाद्य सामग्री क्षेत्रीय वन अधिकारी को सौपी
कानपुर । भारत देश में कोराना वायरस ने तहलका मचा दिया है,उसमें कानपुर नगर भी अछूता नहीं है, कानपुर नगर में बढ़ते मरीजों की संख्या से जिला प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे हैं, ऐसे में प्राणी उद्यान,नवाबगंज कानपुर 16 मार्च 2020 से बंद हो गया है,जिस कारण से वहां पर जानवरों, पशु पक्षियों को खाद्य सामग्री की व्यवस्था करने दिक्कतें महसूस हो रही है । जिस पर क्षेत्रीय वन अधिकारी ने मानिग वाकरों से सहयोग की अपील किया है। जिस पर व्यापारी व समाज सेवी अविनाश गुप्ता के नेतृत्व में वन्य जीवों के लिए शाकाहारी भोजन चना, बाजरा, जौ, हरा चारा लगभग 4 कुन्तल अनाज प्राणी उद्यान को वितरित किया।इस बाबत अविनाश गुप्ता ने कहा कि हम लोग 15 वर्ष से मानिग वाक करने आते रहते हैं, लांक डाउन के दौरान जानवरों व पशु पक्षियों को खाद्य सामग्री देने में दिक्कतें महसूस हो रही थी
इस बाबत एन के इन्टर कालेज के प्रबंधक वरूण मेहरोत्रा ने कहा कि वह अपने मित्रों व क्षेत्रीय लोगों के साथ मानिग वाक पर आते हैं, कई वर्षों से प्राणी उद्यान आने से हम लोगों को यहां की प्रकृति व जानवरों से प्रेम हो गया है । विगत कई वर्षों से प्रकृति के साथ छेड़छाड़ हो रहा था, जिसका खामियाना हम सबको भुगतना पड़ रहा है, एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज दिलीप कुमार मिश्रा ने कहा कि कोराना वायरस ने पूरे देश में तहलका मचा रखा है, ऐसे में कानपुर नगर भी अछूता नहीं है, सभी समाजसेवी मानव की चिंता कर रहे हैं, लेकिन मूक जानवरों, पशु पक्षियों को खाद्य सामग्री देकर मानवता की मिसाल कायम कर रहे हैं। इसमें प्रमुख रूप से अविनाश गुप्ता, संध्या गुप्ता, वरूण मेहरोत्रा, सौम्या मेहरोत्रा, विकास गुप्ता, नूपुर गुप्ता, अनिल अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल, कविता गर्ग, मनोज अग्रवाल, ऊषा अग्रवाल, मनीष गुप्ता, सीमा गुप्ता, भावेश पारिख, डॉली पारिख आदि लोग मौजूद रहे ।
विकलांग एसोसिएशन ने आयोजित किया समस्या समाधान शिविर
विकलांगो ने रखा प्रमाण पत्र बनाने की मांग
कानपुर । विकलांग एसोसिएशन ने शास्त्री नगर सेन्ट्रल पार्क में समस्या समाधान शिविर का आयोजन किया ।शिविर मे विकलांग व्यक्तियों के सामूहिक विवाह के लिए पंजीकरण किया गया ।विकलांगजनो ने विकलांग प्रमाण पत्र बनाने की मांग रखी शिविर में विकलांग विवाह पुरस्कार , रेलवे रियायति प्रमाण पत्र,रेलवे यूनिक कार्ड,यू डी आई डी कार्ड, विकलांग पेन्शन, कृतिमअंग उपकरण,दुकान संचालन ऋण योजना व सरकारी योजनाओ के फार्म भी भरे गये।यह जानकारी विकलांग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने दी है।वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि विकलांगजनो ने विकलांग प्रमाण पत्र बनाने की मांग रखी है।जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी से विकलांग प्रमाण पत्र जारी करने के लिए विकलांग बोर्ड चालू करने की मांग की जाएगी। उन्होने बताया की विकलांगजनो का सामूहिक विवाह के लिए पंजीकरण शुरू किया गया है। जो विकलांग व्यक्ति सामूहिक विवाह व सरकारी योजनाओ का लाभ लेना चाहते हैं वो 9838111506 पर व शास्त्री नगर सेन्टर पार्क बगिया मे प्रत्येक रवीवार को लगने वाले शिविर में आकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं ।
आज के शिविर में राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार के अलावा अल्पना कुमारी,राहुल कुमार,अरविन्द सिंह, बंगाली शर्मा,जौहर अली,अब्दुल रऊफ आदि शामिल रहे!
कोरोना योद्धा हमारे समाज के बेशकीमती हीरे जितेंद्र जायसवाल
कोरोना योद्धा हमारे समाज के बेशकीमती हीरे जितेंद्र जायसवाल
कोरोना वारियर्स का लगातार सम्मान करने में जुटा प्रांतीय व्यापार मंडल
कानपुर । प्रांतीय व्यापार मंडल कोरोनावायरस महामारी में जी जान से अपना दायित्व निभा रहे योद्धाओं का हौसला बढ़ाने में सम्मान करने में जुटा हुआ है । इसी कड़ी में आज नगर अध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल के नेतृत्व में मूलगंज थाना प्रभारी प्रदीप कुमार का प्रशस्ति पत्र एवं शाल ओढ़ाकर सम्मान किया इस अवसर पर जितेंद्र जायसवाल ने कहा कि यह हमारे समाज के वह अभिन्न अंग वह अमूल्य हीरे हैं जो अपने जी जान की परवाह करे बिना अपना घर बार छोड़े हुए 24 घंटे देश सेवा में तत्पर हैं । हम इनके जज्बे को सलाम करते हैं मूलगंज थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने जितेंद्र जायसवाल एवं उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप लोग से सम्मान पाकर काफी खुशी हो रही यह हमारा कर्तव्य था कि हमने देश सेवा में अपना योगदान दिया और आगे भी करते रहेंगे इस अवसर पर प्रभारी थाना मूलगंज प्रदीप कुमार जी का प्रशस्ति पत्र दे कर शाल पहना कर सम्मान किया प्रान्तीय व्यापार मण्डल नगर अध्यक्ष जितेन्द्र जायसवाल ने अपने साथियों के साथ नगर महामंत्री फैज़ महमूद प्रदेश मंत्री अंकुर गुप्ता मंत्री गौरव बक्सरिया करन साहनी सलमान खान पारष गुप्ता आदि लोग मौजूद थे ।
हम तो इंसान है,समाज किन्नर समझता है – संजना
वाङ्गमय पत्रिका एवं विकास प्रकाशन कानपुर के तत्वावधान में चल रहे, ट्रांसजेंडर व्याख्यानमाला के चौथे दिन ट्रांस समुदाय से आने वाली संजना सिंह राजपूत ने कार्यक्रम “मेरी कहानी मेरी जबानी” के अंतर्गत ‘मेरी कहानी और जेंडर समानता’ विषय पर वाङ्गमय पत्रिका के पेज के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति को बचपन से लेकर जवानी तक जो दर्द झेलना पड़ता है, वह बहुत ही असहनीय होता है। जब किसी घर में कोई बच्चा पैदा होता है तो परिवार और समाज के लोग उसके सेक्स अंग को देखकर ही तय कर देते हैं कि वह लड़का है या लड़की। जबकि हमारे मामले में ऐसा सम्भव नहीं हो सकता। संजना ने एमक्स धनन्जय की बात पर सहमति जताते हुए कहा कि हमारा शरीर एक पुरुष का होता है और आत्मा एक औरत की। किन्नर या ट्रांसजेंडर इन्हीं को कहते हैं। ईश्वर हमें दो तत्वों से नवाज़ता है अर्थात स्त्री और पुरुष लेकिन समाज इसे समझ नहीं पाता है। लोग हमारी अंतरात्मा की आवाज को सुनते ही नहीं, हमारी भावना को समझते ही नहीं। मेरे घरवालों ने भी मेरा लालन-पालन एक लड़के की तरह ही किया था।
संजना ने अपनी कहानी को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हम सब पैदा तो इंसान ही होते हैं। कौन लड़का है? कौन लड़की? या फिर कौन किन्नर? यह पहचान तो हमें समाज देता है। मैं जब घर से बाहर निकलना शुरू की तो सबसे पहले समाज ने ही मुझ पर कमेंट कर मेरे स्वरूप को चिन्हित किया। लोग मेरी चाल-ढाल को देख मुझे हिजड़ा/किन्नर आदि कहने लगे। तब पहली बार मुझे भी लगा कि शायद मैं किन्नर ही हूँ ।
उन्होंने अपने घर छोड़ने के सवाल पर कहा कि मेरे मामले में तो शायद परिवार मुझे अपने साथ रखना चाहता था किंतु समाज के रूढ़िवादी विचारों के चलते मेरे परिवार और मुझे दोनों को झुकना पड़ा। अंततः मुझे भी अपना घर त्यागना पड़ा। किसी भी परिवार के लिए अपने ट्रान्स बच्चे को स्वीकार्य कर पाना एक बड़ी चुनौती होती है। परिवार समाज के चलते ही ऐसे बच्चों को स्वीकार्य नहीं कर पाता। संजना ने भारी मन के साथ सामाजिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कभी-कभी मुझे लगता है कि आखिर ऐसा कौन सा पाप हमने किया है कि हमें अपना घर,परिवार, समाज सब छोड़ना पड़ता है। सही मायने में देखा जाए तो हमारी हालत एससी-एसटी से बदतर है। किन्नर समुदाय यदि आज अपनी अलग दुनिया बनाए हुए है तो उसका जिम्मेदार समाज ही है।
संजना की पहचान आज एक सफल इंसान की है। वह मध्य प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग में निदेशक के पीए के रूप में कार्यरत हैं। संजना मध्यप्रदेश राज्य की ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की ब्रांड एम्बेसडर भी हैं। उन्होंने अपनी सफलता के पीछे की कहानी के पीछे के राज को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुझे परिवार और समाज से जो तकलीफ मिली मैंने उसे हमेशा पॉजिटिव ही लिया है। मेरी हमेशा कोशिश रही है कि मैं खुद को कर्म के माध्यम से सिद्ध करूँ।
उन्होंने अपने वक्तव्य के अंत में किन्नरों की सामाजिक स्थिति की विडंबना पर बात रखते हुए कहा कि हम लोगों के साथ ठीक वैसा ही होता है जैसे हम सभी सत्संग में जाते हैं, साधु-संतों को पूजते हैं, आदर-सत्कार करते हैं लेकिन हमी में से यदि किसी का बेटा साधू-महात्मा बन जाए तो वह दुखी हो जाता है। उसी तरह हमें भी लोग अपने मांगलिक कार्यक्रमों में शामिल करता है, दुआ-आशीष लेता है लेकिन उन्हीं के घर कोई ट्रान्स बच्चा पैदा हो जाए तो वह उसे अभिशाप समझने लगते हैं ।
इसके साथ ही संजना ने सरकार से महिला आयोग की तरह राष्ट्रीय स्तर पर ट्रांसजेंडर आयोग बनाने की भी बात की है। आज के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शोधार्थी, प्रोफेसर, लेखक आदि बुद्धिजीवी वर्ग जुड़ा रहा ।
इस अवसर पर देश-विदेश के तमाम शोधकार्यकर्ता, आचार्य, सहायक आचार्य और गणमान्य लोग लाइव थे।
महीनों बाद श्रधालु मन्दिर मस्जिद गुरुद्वारा मे प्रवेश कर सकेंगे
● होंगे नियम सख्ती से लागू
शावेज़ आलम✍✍
● सोशल डिस्टेंस मास्क के साथ ही मिलेगा प्रवेश
● सेनेटाईज के साथ इन्फ्रारेड थर्मामीटर से चेकिंग अनिवार्य-
आर.के.चतुर्वेदी
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कानपुर । प्रदेश सरकार के आदेश के उपरांत .ड़ी आई जी अनन्त देव के निर्देशन मे कानपुर के समस्त मन्दिर मस्जिद गुरुद्वारा चर्च. तथा होटल रेस्टोरेंट गेस्ट हाउस माल्स खोलने से पूर्व क्षेत्राधिकारी कैंट कानपुर नगर रामकृष्ण चतुर्वेदी ने सभी थाना प्रभारियों व चौकी प्रभारियों व एल आई यू अफसरों के साथ सोशल डिस्टेंस के साथ आवश्यक गोष्ठी आहूत की । बैठक मे क्षेत्राधिकारी कैंट ने सख्त लहजे मे कहा कोरोना आपदा हमें फैलने से रोकना है इसलिए सोशल डिस्टेंस व सतर्कता जरूरी है जिसे आप को हर हाल मे पालन कराना होगा ।
अभिसूचना संकलन अधिकारी संजीव दीक्षित ने कहा कई एरिया मे पुलिस की गाड़ी के निकल जाने के बाद लोग फिर सड़क पर इकठ्ठा हो जाते इसके लिए विशेष जागरूकता जरूरी ।
सभी इंस्पेक्टर चौकी इंचार्ज ने संपूर्ण लाक डाउन खुलने के बाद की स्तिथि पर अपने आचार विचार साझा किए । इस मौके पर मुख्य रूप से इंस्पेक्टर आदेश चन्द्र दधीबल तिवारी,आर के गुप्ता,संजीव दीक्षित,मकबूल अहमद,प्रदीप मिश्रा,अतिन त्रिपाठी,राजकुमार रावत,विजय कुमार शुक्ला, अनिल कुमार त्रिपाठी,बी पी रस्तोगी आदि लोग मौजूद थे ।
शारीरिक बनाबट नहीं आत्मा की संवेदना समझे आखिर हम भी इंसान है- सिमरन सिंह
थर्ड जेंडर व्याख्यानमाला के अंतर्गत’ ट्रांसजेंडर भ्रांतियां और हकीकत ‘इस विषय पर’ सिमरन सिंह का व्याख्यान महत्वपूर्ण रहा । व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान उसका अपना जीवन होता है विषम परिस्थितियों में ही व्यक्ति अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्षरत होता है और किसी भी व्यक्ति की सही पहचान उसके बाहरी रूप, रंग ,आकृति,के आधार पर नहीं की जा सकती और नहीं विशेष पहचान भाषा प्रदेश ,संप्रदाय आदि तालो मैं बंद कर तय होती है । चिंतन के खुले आकाश में खड़ा व्यक्ति जो नजरिया और सोच रखता है वही उसकी स्वतंत्र पहचान हो सकती है । ऐसी ही अपनी स्वतंत्र पहचान स्थापित करने वाली ट्रांसजेंडर सिमरन सिंह ने जन्मदिन 6 जून के दिन अपने व्यक्तिगत जीवन की कठिनाइयों से हमें रूबरू कराया. किन्नरों के विषय में समाज में जो भ्रांतियां हैं उसकी सच्चाई क्या है इसका खुलासा करते हुए अपने श्रोताओं के समक्ष अपने वक्तव्य की प्रस्तुति दी मृत्यु के उपरांत किन्नर शरीर को चप्पलों से मारना अथवा अंतिम विधी के लिए ले जाते समय खड़े रख कर ले जाना ऐसा कुछ भी समाज में नहीं होता है । यहां तक की मृत्यु के पश्चात किन्नर की अंतिम इच्छा को ध्यान में रखते हुए क्रिया कर्म किया जाता है सिमरन जी का मानना था कि मिर्च मसाला लगाकर स्वार्थी लोग अपनी बातें पुस्तकों की लोकप्रियता अथवा समाचार बच्चों की शोभा बढ़ाने के लिए गलत भ्रांतियां फैला देते हैं । लेखक को सोच समझकर लेखन करना चाहिए क्योंकि लेखन स्थाई हो जाता है उनका मानना था कि ताली बजाना अथवा ताली पीटना आवश्यक नहीं है आपकी बातों में वजन होना चाहिए जिसे समाज सुन सके आपने किन्नरों की दुर्दशा के लिए उस परिवार को जिम्मेदार बताया जिस परिवार में किन्नर बच्चे का जन्म होता है सर्वप्रथम वह मां जो अपने बच्चे को अपने गर्भ में पालती है वही मां अपने किन्नर बच्चे से अपनी पहचान को छुपाना चाहती है जिस तरह से एक सामान्य बच्चे को विरासत में मां पिता की संपत्ति घर, नाम मिलता है किन्नरों को यह उम्मीद भी नहीं रखना चाहिए इस तरह का माहौल समाज ने बना दिया है । इसके बाद भी लोग उम्मीद करते हैं कि हम समाज के साथ अच्छा व्यवहार करें अपने जीवन के बारे में बताते हुए कहती हैं मेरे माता-पिता ने मुझे घर से निकाल बाहर कर दिया तीन बार आत्महत्या करने का प्रयास किया परिवार के नजदीकी लोगों के द्वारा यौन शोषण की प्रताड़ना को सहा किसी ने मेरे पक्ष में आवाज नहीं उठाई दूर से देखने वालों ने सिर्फ बेचारा कहा लेकिन अपनाया नहीं जब क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है तो समाज हमसे सभ्यता की उम्मीद रखता है । सिमरन जी ने कर्म की महत्ता को स्थापित करते हुए भी अपनी बात रखी किन्नरों की दुआ का मतलब पैसे देकर दुआ खरीद लेना नहीं होता आप उनसे सही रिश्ते बनाए वे मानती हैं कि वह दया का पात्र नहीं बनना चाहती और नहीं किन्नर सहानुभूति से जीना चाहते हैं उनके साथ गलत व्यवहार ना हो और उन्हें बदनाम नहीं किया जाए हम सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए सक्षम बनना चाहते हैं किंतु सर्वप्रथम समाज को अपना दृष्टिकोण बदलना होगा हर ट्रांसजेंडर का दैहिक शोषण अपने आप में शर्मनाक बात है । उनके जीवन की पीड़ा को और अधिक गहरा करने वाला कृत्य समाज उनके साथ करता है उसके पश्चात उम्मीद रखी जाती है इस कृत्य को वह बयान न करें और चुपचाप सहते रहे ऐसे ही उनके जीवन के अनुभव को उन्होंने साझा किया नई समाज के साथ चलने वाली सिमरन जी डेरे में नहीं रहती अकेले रहती हैं किंतु अपने एकाकी जीवन को समाज के साथ जोड़कर सामाजिक कार्यों के प्रति उनकी जागरूकता वंदनीय है इस वैश्विक संकट के समय एनजीओ के माध्यम से उन्होंने अनाज वितरण का कार्य किया जिसकी सराहना मुंबई और पुणे के समाज ने खुलकर की इस बात की उन्हें प्रसन्नता है लेकिन मैं थोड़ा दुखी तब हो जाती है जब lockdown के समय घर के लोगों ने उनकी खैरियत जानने की कोशिश तक नहीं की. उनका मानना है कि समाज के समक्ष नहीं किंतु फोन पर बात करने से क्या घर की मर्यादा कम हो जाती है परिवार के लोग समाज के डर से हमारा बहिष्कार करते हैं हमारा ही परिवार जब हमें अलग मान चुका है तो समाज हमें कैसे नजदीक लाएगा पैसों की जरूरत पड़ने पर पैसा लेने में हमारे परिवार के लोग नहीं कतराते चाे सिमरन सिंह का मानना था कि ट्रांसजेंडर को दोहरी जिंदगी जीने के लिए मजबूर ना करें परिवार के लोग जबरन उनकी शादी तो करवा देते हैं किंतु ऐसे व्यवहार से कई किन्नर कि जिंदगी और अधिक मुश्किलोंसे घिर जाती है. उनका मानना है जो समाज स्वयं बदलने की स्थिति में नहीं है वह दूसरों में बदलाव कैसे लाएगा अतः बदलाव के क्रम में सबसे पहले व्यक्तिवादी मनोवृत्ति बाधक है अतः परिस्थितियों से भागो नहीं जागो और बदलो सिमरन सिंह साहित्यकारों लेखकों और पत्रकारों से अपील करती है सहानुभूति के साथ किताबों में उन्हें नहीं उकेरा जाए .लोकप्रियता के लिए किन्नरों का इस्तेमाल न हो वे अपने किन्नर जीवन से पूर्ण रूप से संतुष्ट हैं और संपूर्ण किन्नर समुदाय की व्यवस्थाओं को समाज के समक्ष रख उन्होंने बेबाकी से अपनी बात का प्रस्तुतीकरण किया ।
इस अवसर पर देश-विदेश के तमाम शोधकार्यकर्ता,आचार्य, सहायक आचार्य और गणमान्य लोग लाइव थे । इस अवसर पर डॉ शमा,डाॅ. रेनू,डाॅ.विजेन्द्र,प्रोफसर विशाला,डाॅ. शमीम,डाॅ.एक.के. पाण्डेय,डाॅ. शगुफ्ता,डाॅ.कामिल,डाॅ. आसिफ,मुनवर,प्रोफसर सीमा सगीर,डाॅ.लता,डाॅ.अफरोज, डाॅ.शाहिद,नियाज़ अहमद,सहसंपादक अकरम हुसैन,सदफ इश्तियाक,कुसुम सबलानिया,मनीष,दीपांकर,कामिनी,इमरान, राशिद,रिंकी,साफिया,गिरिजा भारती,अनुराग,अनवर खान, केशव बाजपेयी,रोशनी आदि ने लाइव शो देखा ।
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