कानपुर । मुस्लिम डेमोक्रेटिक फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आदर्श लोकदल के महासचिव शाकिर अली उस्मानी ने कहा कि केंद्र सरकार का दूसरा कार्यकाल का प्रथम वर्ष असफलताओं से होकर गुजरा है मजदूर किसान सहित देश के मध्यम गरीब तबके के लोगों ने लॉक डाउन के दौरान 2 माह तक अपना जीवन कैसे व्यतीत किया है यह बात वह खुद ही जानते हैं या उनका ईश्वर जानता है लोग अपने घरों तक करोड़ों लोग आज तक पहुंच नहीं पाए केंद्र की सरकार व विपक्षी नेता प्रवासी मजदूरों के नाम हमदर्दी जताना चाहते है और यह सरकार बनाने वाली प्रवासी मजदूर अपनी बेबसी पर हो रहे सरकार को चाहिए कि प्रवासी मजदूरों के साथ साथ उन लोगों को जिनका जीविकोपार्जन उन सबको केंद्र ₹50000-50000 सहायता धनराशि दे जिससे कि उनके परिवार का भरण पोषण हो सके केंद्र सरकार ने जिन मुद्दों को लेकर वाहवाही लूटने चाहती है वह चाहे कश्मीर की धारा 370 राम मंदिर का निर्माण का मुद्दा हो इन उपरोक्त मुद्दों से बेरोजगारी व भुखमरी का कोई लेना देना नहीं है ।
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